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आईआईएसएफ 2025 से पहले डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया “नेशनवाइड इनोवेशन चैलेंज” लॉन्च, देशभर के युवाओं और जेन-ज़ी को दी नवाचार की खुली पुकार

PNS Bureau :- भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2025 की तैयारियों के बीच आज केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने “नेशनवाइड इनोवेशन चैलेंज” की शुरुआत की। यह चैलेंज देश के सभी संभावित नवाचारकर्ताओं—विशेषकर भारत की Gen Z—को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नई राहें बनाने का आह्वान करता है।

वेब संदेश के माध्यम से चैलेंज की घोषणा करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि बीते 11 वर्षों में भारत ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ऐतिहासिक छलांग लगाई है और आज देश उभरती DeepTech शक्ति के रूप में विश्व पटल पर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

उन्होंने बताया कि—

  • भारत में आज 6,000 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप्स हैं,
  • बायोइकोनॉमी 14 गुना बढ़ चुकी है,
  • आरएंडडी निवेश दोगुना हुआ है,
  • स्पेस सेक्टर निजी क्षेत्र के लिए खोला गया, जिससे 8 बिलियन डॉलर का स्पेस इकोनॉमी आकार ले रही है,
  • और भारत ने अपना पहला नेशनल क्वांटम मिशन शुरू किया है, जिसने क्वांटम टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स की नई लहर पैदा की है।

डॉ. सिंह ने संदेश में कहा, “यह सिर्फ प्रगति नहीं है। भारत भविष्य गढ़ रहा है। अगला बड़ा नवाचार आपसे भी आ सकता है।”


IISF 2025 की थीम: ‘विज्ञान से समृद्धि – आत्मनिर्भर भारत’

यह इनोवेशन चैलेंज आगामी 6 दिसंबर से शुरू होने वाले इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2025 की थीम—‘विज्ञान से समृद्धि: आत्मनिर्भर भारत के लिए’—के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।

कौन कर सकते हैं भाग?

देशभर के छात्र, स्टार्टअप्स, शोधकर्ता, किसान, क्रिएटर्स और आम नागरिक एक ऐसे नवाचार का प्रस्ताव दे सकते हैं जो—

  • AI, Quantum, Space, Biotechnology, Climate Tech, Healthcare, Agriculture, Education या किसी उभरते क्षेत्र से संबंधित हो
  • और कम से कम 1,000 लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने की क्षमता रखता हो।

कॉन्सेप्ट, प्रोटोटाइप और पायलट भी स्वीकार किए जाएंगे, बशर्ते उनमें स्पष्टता, उद्देश्य और स्केलेबिलिटी की क्षमता हो।


कहाँ करें सबमिशन?

प्रतिभागी MyGov प्लेटफ़ॉर्म पर निम्न लिंक के माध्यम से अपना प्रस्ताव जमा कर सकते हैं:
https://www.mygov.in/task/one-innovation-towards-self-reliant-india/
यह लिंक मंत्री के सोशल मीडिया संदेश में भी साझा किया गया है।


चयनित नवाचारों को मिलेगा विशेष सहयोग

IISF 2025 के दौरान सर्वश्रेष्ठ विचारों को सम्मानित किया जाएगा और उन्हें DST, DBT, CSIR और BIRAC की मदद से स्केल करने का व्यवस्थित मार्ग मिलेगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि वे स्वयं शीर्ष नवाचारों को उजागर करेंगे और उनका मार्गदर्शन करेंगे।


“भारत का नवाचार इकोसिस्टम निर्णायक मोड़ पर” – डॉ. जितेंद्र सिंह

मंत्री ने कहा कि देश में इनोवेशन इकोसिस्टम परिपक्व हो रहा है, हाई-एंड टेक्नोलॉजी मिशन आगे बढ़ रहे हैं और विज्ञान अब राष्ट्र-निर्माण के केंद्र में है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सही मंच मिले तो वास्तविक समाधान कक्षाओं, कम्युनिटी लैब्स, कार्यशालाओं, खेतों और दूरस्थ जिलों से भी आ सकते हैं।

युवाओं के लिए संदेश स्पष्ट था:
“सभी नवाचारकर्ताओं से, खासकर Gen Z से—भारत आपकी आवाज़ सुन रहा है।”


IISF 2025 की तैयारी के बीच इस चैलेंज का उद्देश्य देश में वैज्ञानिक सोच को मजबूत करना और वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए स्केलेबल भारतीय नवाचारों को आगे बढ़ाना है।

अंत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा:
“आइए विज्ञान के साथ भविष्य बनाएं। आइए आत्मनिर्भर भारत के लिए नवाचार करें।”(PNS)

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